बुधवार, 13 दिसंबर 2017

मिल जाते यदि दोबारा

तुम मिल जाते यदि दोबारा
सब दूर अंधेरा हो जाता
जीवन को मकसद मिल जाता
आशा का सबेरा हो जाता।
तुम मिल जाते ---------

तुम प्राण मेरे, तुम सहचर हो
तुम बिन जीना भी क्या जीना
तुम जाते जो अभी यहां
सांसों को सहारा मिल जाता।
तुम मिल जाते ---------

सिमटी सी अपनी दुनिया है
बस तुम हो प्रेम की यादें हैं
जो पुनर्मिलन अभी हो जाता
रीतापन मन का भर जाता।
तुम मिल जाते ---------

सपने टूटे, अरमान मिटे
सूखा, बंजर सा जीवन है
तुम पास मेरे जो जाते
जीवन में सावन जाता।
तुम मिल जाते ------

गुम तुम भी, गुम मैं भी हूं
पसरा-पसरा सन्नाटा है
अधरों को मुखर जो कर देते
गम मन का तिरोहित हो जाता।
तुम मिल जाते ---------
- तरु श्रीवास्तव




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