मिल
जाते यदि
दोबारा
तुम
मिल जाते
यदि दोबारा
सब
दूर अंधेरा
हो जाता
जीवन
को मकसद
मिल जाता
आशा
का सबेरा
हो जाता।
तुम
मिल जाते
---------।
तुम
प्राण मेरे,
तुम सहचर
हो
तुम
बिन जीना
भी क्या
जीना
तुम
आ जाते
जो अभी
यहां
सांसों
को सहारा
मिल जाता।
तुम
मिल जाते
---------।
सिमटी
सी अपनी
दुनिया है
बस
तुम हो
प्रेम की
यादें हैं
जो
पुनर्मिलन अभी
हो जाता
रीतापन
मन का
भर जाता।
तुम
मिल जाते
---------।
सपने
टूटे, अरमान
मिटे
सूखा,
बंजर सा
जीवन है
तुम
पास मेरे
जो आ जाते
जीवन
में सावन
आ जाता।
तुम
मिल जाते
------।
गुम
तुम भी,
गुम मैं
भी हूं
पसरा-पसरा
सन्नाटा है
अधरों
को मुखर
जो कर
देते
गम
मन का
तिरोहित हो
जाता।
तुम
मिल जाते
---------।
- तरु
श्रीवास्तव
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