सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

आहिस्ता चल, आहिस्ता चल, अाहिस्ता चल

जिंदगी के मजे ले,

मजे में जी तू जिंदगी।

आहिस्ता चल.......।

सांसों की लय थमे,

इससे पहले तू जी ले जिंदगी।

आहिस्ता चल........।

कांटे मिले या फूल

ना मुरझाना तू, इतराना तू,

सधे हुए कदमों से चल

मिल जायेगी मंजिल।

ना दौड़ इतना तेज कल पछतावा हो,

ये सोच-सोच के रोना आये जी ना जिंदगी।

आहिस्ता चल, आहिस्ता चल, आहिस्ता चल.

जिंदगी के मजे ले,

मजे में जी तू जिंदगी।

आहिस्ता चल...।

- तरु श्रीवास्तव

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